क्या विदुर ने दुर्योधन के जन्म लेते ही उसे मार देने को कहा था?
जनमानस में एक बड़ी विचित्र सी धारणा है कि जब दुर्योधन ने जन्म लिया था तो उसके जन्म के समय के अपशकुनों को देखते हुए धर्मराज विदुर ने महाराज धृतराष्ट्र से उसे मार देने को कहा था, ताकि कुरुकुल सुरक्षित रह...
View Articleजब श्रीराम और लक्ष्मण जान बूझ कर अचेत हो गए
रामायण में एक जगह ऐसा प्रसंग मिलता है जब मेघनाद ने श्रीराम और लक्ष्मण को नागपाश से बांध दिया था। कुछ लोग को ऐसा लगता है कि मेघनाद ने अपने पराक्रम से उन दोनों को अचेत कर दिया था लेकिन रामायण में ही हमें...
View Articleभगवान जगन्नाथ और जगन्नाथ पुरी मंदिर
द्वापर अपने अंतिम चरण में था। कलियुग आने वाला था। उसी वेला में भगवान श्रीकृष्ण ने निर्वाण ले लिया। उनकी मृत्यु के बाद द्वारिका भी समुद्र में डूब गयी। उनके परिवारजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया।...
View Articleवाल्मीकि रामायण अरण्य कांड (सम्पूर्ण) - मूल श्लोक और हिंदी अर्थ सहित
सर्ग १प्रविश्य तु महारण्यं दण्डकारण्यमात्मवान्।रामो ददर्श दुर्धर्षस्तापसाश्रममण्डलम्॥१॥दण्डकारण्य नामक महान् वन में प्रवेश करके मन को वश में रखने वाले दुर्जय वीर श्रीराम ने तपस्वी मुनियों के बहुत-से...
View Articleधार के भोजशाला का पूरा इतिहास
आप सभी ने मध्यप्रदेश के धार में स्थित भोजशाला विवाद के बारे में सुना होगा। आज इस लेख में हम इसके पूरे इतिहास के विषय में जानेंगे। इस भोजशाला का सीधा सम्बन्ध भारत के सबसे महान राजाओं में से एक राजा भोज...
View Articleक्या द्रौपदी ने कभी दुर्योधन का अपमान किया था?
महाभारत के सन्दर्भ में एक जो बहुत बड़ी भ्रान्ति द्रौपदी और दुर्योधन के बारे में है वो ये है कि इंद्रप्रस्थ में द्रौपदी ने दुर्योधन का अपमान किया था। लगभग सभी लोगों का ऐसा मानना है कि इंद्रप्रस्थ के...
View Articleद्रौपदी स्वयंवर में किन किन लोगों ने धनुष को उठा लिया था?
द्रौपदी स्वयंवर के विषय में तो हम सभी जानते ही हैं। एक आम अवधारणा है कि अर्जुन को अपने जमाता के रूप में प्राप्त करने के लिए पंचालराज द्रुपद ने धनुष को इतना कठोर और भारी बनवाया था कि कोई भी उस धनुष को...
View Articleक्या मेघनाद वास्तव में अपराजेय था?
रावण का पुत्र मेघनाद हिन्दू धर्म के सबसे दुर्धुष एवं प्रसिद्ध योद्धाओं में से एक है। इतिहास में कदाचित वही एक योद्धा है जिसे अतिमहारथी होने का गौरव प्राप्त है। आम तौर पर लोगों को ऐसा लगता है कि मेघनाद...
View Articleकौन हैं वास्तु पुरुष?
बरसों से जब भी हम अपने घर का निर्माण करना चाहते हैं तो जो सबसे पहले जो एक चीज हमारे ध्यान में रहती है वो है वास्तु। वास्तु शास्त्र को कई लोग आधुनिक विज्ञान मानते हैं किन्तु इसका इतिहास बहुत पुराना है।...
View Articleवनवास के समय द्रौपदी के पुत्र कहाँ थे?
महाभारत में द्युत के खेल के पश्चात पांडवों को १२वर्ष का वनवास और १ वर्ष का अज्ञातवास मिला। वनवास के लिए पांचों पांडव अपनी पत्नी द्रौपदी के साथ निकले। उन्होंने अपनी वृद्ध माता को वन ले जाना उचित नहीं...
View Articleक्या कभी माता सीता का स्वयंवर हुआ था?
भगवान श्रीराम और माता सीता का स्वयंवर हिन्दू धर्म के सबसे प्रसिद्ध स्वयंवरों में से एक है। श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने सीता स्वयंवर का बहुत विस्तृत और सुन्दर वर्णन किया है। मानस के अनुसार...
View Articleक्या शकुनि ने जुए में छल किया था?
द्यूत क्रीड़ा महाभारत के सबसे दारुण घटनाओं में से एक है। इसी सभा में द्रौपदी का अपमान किया गया था और यही वो घटना थी जिसने महाभारत के युद्ध को निश्चित कर दिया था। जब भी द्यूत क्रीड़ा की बात होती है तो...
View Articleमहर्षि अंगिरा का वंश
महर्षि अंगिरा (अंगिरस) परमपिता ब्रह्मा के पुत्र एवं प्रथम स्वयंभू मन्वन्तर में सप्तर्षियों में से एक हैं। इन्ही के पुत्र देवगुरु बृहस्पति हुए। हालाँकि इनके वंश का बहुत विस्तार से वर्णन हमें महाभारत के...
View Articleवाल्मीकि रामायण की पूरी संरचना (सम्पूर्ण कांड, सर्ग और श्लोक)
संक्षेप में वाल्मीकि रामायण की संरचना:कुल कांड:७कुल मूल सर्ग: ६४२कुल प्रक्षिप्त सर्ग: ३कुल सर्ग: ६४५ कुल मूल श्लोक:२३६४४कुल प्रक्षिप्त श्लोक:१०६ कुल पूर्व खंड श्लोक:२९२ कुल श्लोक:२४०४२सबसे बड़ा...
View Articleक्या द्रौपदी ने स्वयंवर में कर्ण का अपमान किया था?
आज की पीढ़ी और शायद पुरानी पीढ़ी भी, जिन्होंने महाभारत को केवल टीवी सीरियलों में देखा है, उनमें से ९९% लोगों की ऐसी मान्यता है कि चूँकि महारथी कर्ण एक सूतपुत्र थे, इसी कारण द्रोपदी ने उनसे विवाह करने से...
View Articleब्रह्मर्षि विश्वामित्र
महर्षि विश्वामित्र हिन्दू धर्म के सर्वाधिक प्रसिद्ध, प्रभावशाली और शक्तिशाली ऋषियों में से एक हैं। वो हमारे धर्म के उन गिने चुने ऋषियों में से एक हैं जिन्होंने ऋषियों के सर्वोच्च पद, अर्थात ब्रह्मर्षि...
View Articleवाल्मीकि रामायण अयोध्या कांड (सम्पूर्ण) - मूल श्लोक और हिंदी अर्थ सहित
सर्ग १ गच्छता मातुलकुलं भरतेन तदानघः।शत्रुघ्नो नित्यशत्रुघ्नो नीतः प्रीतिपुरस्कृतः॥१॥(पहले यह बताया जा चुका है कि) भरत अपने मामा के यहाँ जाते समय काम आदि शत्रुओं को सदा के लिये नष्ट कर देने वाले...
View Articleनरसिंह मंदिर (बीदर) - रहस्यलोक सा मंदिर
कुछ समय पहले मुझे अपने परिवार के साथ कर्णाटक में बीदर नामक स्थान पर जाने का अवसर मिला। ये स्थान एक गुरूद्वारे के कारण प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि जब गुरु नानक अपनी यात्रा पर निकले थे तो वे यहाँ पर...
View Articleवाल्मीकि रामायण बालकाण्ड (सम्पूर्ण) - मूल श्लोक और हिंदी अर्थ सहित
सर्ग १ ॐ तपःस्वाध्यायनिरतं तपस्वी वाग्विदां वरम्।नारदं परिपप्रच्छ वाल्मीकिर्मुनिपुंगवम्॥१॥तपस्वी वाल्मीकिजी ने तपस्या और स्वाध्याय में लगे हुए विद्वानों में श्रेष्ठ मुनिवर नारदजी से पूछा-को न्वस्मिन्...
View Articleक्या अंगद ने रावण को अपना पैर उखाड़ने की चुनौती दी थी?
रामायण में अंगद द्वारा रावण को अपना पैर हिलाने की चुनौती देने वाला प्रसंग रामायण के सबसे रोचक प्रसंगों में से एक है। संक्षेप में कथा ये है कि जब श्रीराम की सेना ने समुद्र में पुल बना कर लंका में प्रवेश...
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